
राम मंदिर दान गबन मामला: दान भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और समर्पण का प्रतीक, तय होनी चाहिए जवाबदेही-इकबाल अंसारी
अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे हुए कथित घोटाले को लेकर अब बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाया गया दान कोई धन नहीं है बल्कि भगवान श्रीराम के प्रति उनकी आस्था और समर्पण है, ऐसे इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। इकबाल अंसारी ने प्रदेश सरकार की ओर से मामले की जांच के लिए गठित की गई तीन सदस्यीय समिति (एसआईटी) पर भरोसा जताया है और कहा कि एसआईटी को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच करनी चाहिए, तभी दूध का दूध और पानी का पानी होगा।
उन्होंने कहा कि देश और दुनिया के लोगों ने राम मंदिर निर्माण में आर्थिक सहयोग दिया है, जो उनकी आस्था के वेग को प्रबल करता है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे के रूप में आया धन कथित रूप से चोरी होने के बाद कहां छिपाया गया है और किस तरह से गड़बड़ी हुई है, इसकी भी जांच जरूरी है।
उन्होंने मांग की है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा भी भगवान श्रीराम सब देख रहे हैं, उनसे कुछ छिपा नहीं है, समर्पण के रूप में आया यह दान भगवान श्रीराम का है और भगवान इसे स्वयं ढूंढ लेंगे।
बता दें कि मंदिर मस्जिद विवाद मुकदमें में अपने पिता मोहम्मद हाशिम अंसारी के इंतकाल के बाद इकबाल अंसारी ने लंबे समय तक बाबरी मस्जिद की तरफ से मुकदमें की पैरवी करने के साथ-साथ हमेशा आपसी सौहार्द और भाई चारे के पक्षधर रहे, और जब मंदिर के पक्ष में फैसला आया तो फैसले स्वागत भी किया।

